सुबह शाम

सुबह होती है,शाम होती है, दिन ढलते देर नहीं होती है। सुबह से लेकर शाम, पंख लगाये पैरों मैं वो खुदको उड़ते दिखती है। ढलते सूरज की सुस्त शाम के साथ, कुछ देर फिर वो रुकती है। कुछ पल चुराकर ढलते पहरों से, अक्स देख इठलाती है। फिर अचानक न जाने किन ख़यालों मैं वो... Continue Reading →

वक्त

वक्त कितना अनमोल है, तेरे बिना इसका भी क्या मोल है। बह रहा है पानी कि तरह मैं ठहरा हुँ, मगर साहिल तो कहीं और है। सोचने को मजबूर हो गया, दिल मै उठा ये केसा शोर है। निकल पड़ा था जिस रास्ते पर, थम गया वहीं और तू निकला किस और है। घुटन है... Continue Reading →

ऐ शाम तुझे मैं क्या नाम दूँ ……💕

ऐ शाम तुझे मैं क्या नाम दूँ। तू बहुत ख़ूबसूरत है, तुझे मैं दिल दूँ या जाँ निसार दूँ। ऐ शाम तुझे मैं क्या नाम दूँ। तू शब्द है, संगीत है या मेरे पन्नों पर बिखरी कोई ग़ज़ल है। बन जा तू ग़ज़ल मेरी, तुझ पर तो सारा वक़्त बिसार दूँ। ऐ शाम तुझे मैं... Continue Reading →

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